डॉक्टरों का प्रदर्शन: शास्त्री अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद सुरक्षा की मांग

भिलाई। सुपेला शास्त्री अस्पताल में मंगलवार की सुबह हुई तोड़फोड़ की घटना ने डॉक्टरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। बदमाशों ने अस्पताल में वार्ड बॉय और पुलिस कर्मी से झूमाझटकी की और जमकर तोड़फोड़ की। महिला स्टाफ और ड्यूटी में तैनात महिला डॉक्टर से भी बदसलूकी की गई। घटना के बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर काम बंद कर प्रदर्शन किया | इस प्रदर्शन में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक पियम सिंह, घटना के समय मौजूद रही डॉ अंकिता कामड़े सहित सभी डॉक्टर और स्टाफ नर्सों ने भाग लिया।
डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे में वे सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी और कम से कम दो पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों| यह घटना डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। पुलिस को इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए और अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
यह पूरी घटना मंगलवार सुबह 6 बजे की है। स्कॉर्पियो में सवार पांच युवक अस्पताल पहुंचे। इनमें से एक लड़के को चोट लगी हुई थी। चोटिल लड़के साथ पहुंचे अभय चौबे ने मौके पर मौजूद वार्ड बॉय अंशू चौहान से कहा कि उसके साथी का इलाज करे। वार्ड बॉय ने 23 नंबर काउंटर से पर्ची कटाकर लाने कहा। इतना सुनते ही अभय चौबे तैश में आ गया और वार्ड ब्वाय से गाली गलौज करना शुरू कर दी। इस पर वार्डब्वाय ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मी संगम को बुलाया। संगम ने उन लोगों को समझाने का प्रयास किया तो उससे भी गाली गलौज शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस कर्मी सुपेला पुलिस को सूचना देने पहुंचा तो पीछे से यह बदमाश भी पहुंच गए।
पुलिस कर्मी के चेंबर में घुसकर तोड़फोड़ की और उससे मारपीट की। इसके बाद पूरा अस्पताल स्टॉफ पहुंचा और मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर पहुंची महिला डॉक्टर से भी बदसलूकी की गई। इस बीच किसी ने सुपेला थाने में सूचना दी। कुछ देर में पुलिस पहुंची और बदमाश भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने अभय चौबे, गौतम और मुन्ना को हिरासत में ले लिया। वहीं सागर और स्कॉर्पियो चालक गिरीश साहू फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।














